पंजिकरण क्यों 

 जन्म व मृत्यु पंजिकरण अधिनियम, 1969 की धारा 8,9 तथा 21 के अनुसार भारत में किसी भी स्थान पर हुए जन्म व मृत्यु का पंजिकरण, संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निहित उद्देश्य हेतु नियुक्त पंजिकारों द्वारा नियम के दायरे में किया जाना आवश्यक है 

जुर्माना

 पर दिए गए अनुदेशों का अनुपालन न करने की दशा में जन्म व मृत्यु पंजिकरण अधिनियम, 1969 की धारा 23 में दंड का प्रावधान है ।

पंजिकरण कहां किया जाए

 छावनी क्षेत्र में होने वाले सभी जन्म व मृत्यु का पंजिकरण, छावनी अधिशासी अधिकारी द्वारा किया जाता है, जो कि इस उद्देश्य हेतु पंजिकरण अधिनियम, 1969 के अधीन पदेन पंजिकार नामित हैं ।

पंजिकार को सूचना देने का उत्तरदायित्व किसका है ?

 यद्पि छावनी क्षेत्र में किसी भी स्थान पर होने वाले जन्म व मृत्यु की सूचना पंजिकार को किसी के भी द्वारा दी जा सकती है, किंतु इन मामलों में सूचना देने का उत्तरदायित्व मुख्यतः निम्नलिखित का है:-

:: आवासीय अथवा गैर आवासीय घरों के संबंध में  –  घर मुखिया या घर का मालिक ।
:: अस्पताल / स्वास्थ्य केंद्र / नर्सिंग होम इत्यादि  –  चिकित्सा प्रभारी अधिकारी ।
:: कारागार – कारागार प्रभारी |
:: छात्रावास / धर्मशाला इत्यादि – प्रभारी व्यक्ति ।
:: गांव – गांव का मुखिया ।
:: उपरोक्त के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर   – स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी ।

 प्रमाण पत्रों का जारीकरण

 छावनी क्षेत्र में पंजिकृत जन्म व मृत्यु संबंधी प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र प्राप्त होने की स्थिति में छावनी अधिशासी अधिकारी द्वारा निम्नलिखित शुल्क की अदायगी उपरांत जारी किये जाते हैः-

(क) जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना - रु 30/-

(ख) जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र की अनउपलब्धता - रु 210/- 

गलत प्रविष्टियों का सुधार

 कोई भी व्यक्ति जिसे यह लगता है कि पंजिकृत जन्म अथवा मृत्यु के रजिस्टर में प्रविष्टियों संबंधी त्रुटियां हैं, कोई दो जानेमाने व्यक्तियों, जिन्हें मामले में नीहित तथ्यों का ज्ञान हो, को साक्षी बना कर, हस्ताक्षरयुक्त घोषणा पत्र, जिसमें गलती की प्रकृति का विवरण दिया गया हो, पंजिकार को प्रस्तुत कर सकता है, जो तथ्यों का संज्ञान लेकर मामले में आवश्यक आदेश जारी करेगा ।

विलंब से पंजिकरण करने की प्रक्रिया

 जन्म, मृत्यु अथवा मृत बच्चे के जन्म की सूचना, जन्म अथवा मृत्यु होने के 21 दिन के भीतर छावनी अधिशासी अधिकारी को दी जानी होती है । किंतु विलंब उपरांत पंजिकरण निम्नलिखित प्रक्रिया द्वारा किया जा सकता है:-

(क) जन्म या मृत्यु होने की तिथि से 21 दिन बाद, किंतु 30 दिन पूर्व सूचना दिए जाने की स्थिति में 5/- रुपये विलंब शुल्क देय होगा ।
(ख) जन्म या मृत्यु होने की तिथि से एक वर्ष के उपरांत सूचना देने की स्थिति में उप-मंडल मैजिस्ट्रेट द्वारा  लिखित आदेश जारी किये जाने तथा रुपये 5/- के विलंब शुल्क के भुगतान उपरांत पंजिकरण किया जाएगा ।
(ग) जन्म या मृत्यु होने की तिथि से 30 दिन बाद किंतु एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने से पूर्व अतिरिक्त जिला पंजिकार की लिखित अनुमति उपरांत तथा रुपये 5/- के विलंब शुल्क के भुगतान उपरांत पंजिकरण किया जाएगा । जम्मू छावनी के संबंध में अतिरिक्त जिला पंजिकार, मुख्य उप चिकित्सा अधिकारी, जम्मू हैं ।