छावनी परिषद्, छावनी परिषद् अधिनियम, 2006 के अंतर्गत केन्द्र की एक कार्पोरेट संविधिक व्यवस्था है, जो रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है, जिसे छावनी क्षेत्र में नगरपालिका एवं विकासात्मक कार्य प्रदान किए गए हैं । छावनी अधिनियम की धारा 12 अनुसार श्रेणी 4 के अंतर्गत परिषद् निहित प्रक्रिया अधीन गठित है ।

वर्तमान में जम्मू छावनी परिषद्, छावनी अधिनियम की धारा 13 के अधीन गठित श्रेणी 4 की छावनी है । बोर्ड के चार निम्नलिखित सदस्य हैः-

क) स्टेशन के कमान अधिकारी पदेन अधिकारी हैं ।

ख) जिला मैजिस्ट्रेट अथवा अपर जिला मैजिस्ट्रेट द्वारा नामित कार्यकारी मैजिस्ट्रेट जो अपर जिला मैजिस्ट्रेट से कमतर पद का न हो ।

ग) मुख्य अधिशासी अधिकारी ।

घ) स्वास्थ्य अधिकारी के पद-अधिकारी

ङ) अधिशासी अभियंता पदेन ।

च) स्टेशन के कमान अधिकारी द्वारा नामित दो सैन्य अधिकारी, जिनके संबंध में लिखित आदेश जारी किए गए हों ।

छ) इस अधिनियम के अधीन चयनित सात सदस्य हैं  ।

 
अध्यक्ष
 

यदि केन्द्र सरकार द्वारा इस संबंध में अलग से कोई आदेश जारी न किए गए हों तो स्टेशन के कमान अधिकारी ही छावनी परिषद् के पदेन अध्यक्ष होते हैं । स्टेशन कमान अधिकारी के तौर पर नियुक्त अधिकारी ही निहित पदावधि के लिए अध्यक्ष के पद पर आसीन रहते हैं ।

अध्यक्ष, छावनी के कार्यकारी प्रशासन तथा वित को निर्देशित, नियंत्रित तथा पर्यवेक्षित करता है । परिषद् की सभी बैठकों की अध्यक्षता उन्हीं के द्वारा की जाती हैं । वह छावनी अधिनियम में निहित उद्देश्यों को पूरा करने के प्रति प्रत्यक्ष रूप से उत्तदायी होता है । वर्तमान में ब्रिगेडियर टी.के. चोपड़ा, छावनी परिषद् के अध्यक्ष पद पर आसीन हैं ।

 
उपाध्यक्ष
 
प्रत्येक परिषद् में, जहां एक से अधिक चयनित सदस्य हों, वहां उन में से एक उपाध्यक्ष के पद पर चुना जाता है, जिसे चयनित सदस्यों द्वारा अपनों में से किसी एक को चुना जाता है । उपाध्यक्ष की कार्य-अवधि सामान्यतः पांच साल तक की होती है, बशर्ते उसे धारा 21(3) के अधीन समय से पूर्व पद से हटाया नहीं गया हो ।

अध्यक्ष की अनुपस्थिति अथवा असामर्थ्य या अस्थाई अनुपस्थिति के दौरान उपाध्यक्ष ही परिषद् की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं तथा धारा 22(1) के अंतर्गत अध्यक्ष के प्राधिकारों का उपयोग करते हैं । वर्तमान में श्री हरदेव सिंह परिषद् के उपाध्यक्ष हैं ।